नूतन शब्दवली
Tuesday, 12 May 2015
१२,५,२०१५
विवेक*अविवेक
र्भातृ : भाई
धनुष: कोदंड, शरासन, चाप, धनु
आसमान टूट पडना- अचानक बहुत बडी समस्या आ जाना।
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